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Monday, 4 September 2017

कुछ जानकारियां कालका-शिमला टॉय ट्रेन के बारे में - Infromations about Kakla-Shimla Toy Train



अपनी शिमला यात्रा के सभी लेख यूं तो मैं यहाँ पहले ही प्रकाशित कर चुका हूँ। लेकिन इस लेख में केवल कालका और शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन के बारे में ही लिखा है। कालका शिमला टॉय ट्रेन का निर्माण ब्रिटिश काल के सन 1903 में हुआ था। कालका से शिमला तक कुल 18 स्टेशन है। यह लाइन नैरो गेज है जिसकी चौड़ाई मात्र 2.6 फ़ीट है। कालका रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 2150 फ़ीट (655 मीटर) पर है। और शिमला रेलवे स्टेशन समुद्र तल से 6082 फ़ीट (2074 मीटर) पर मौजूद है। अपने इस मार्ग पर टॉय ट्रेन 96 किलोमीटर में लगभग 3932 फ़ीट (1143 मीटर) ऊचाई तय करती है। इसको औसतन 41 फ़ीट प्रति किलोमीटर की ऊचाई का सामना करना होता है। 



कालका से शिमला, रेल द्वारा  96 किलोमीटर है जिसे पूरा करने के लिए छोटी-बड़ी 102 सुरंगों में से होकर गुजरना होता है। तथा 988 पुलों एवं 917 घुमावों जिसमें 48 डिग्री के तीव्र घुमाव से होकर जाती है। इस रेलवे मार्ग पर सबसे लम्बी सुरंग बड़ोग में है जिसकी लम्बाई 1 किलोमीटर (1143 मीटर) से ज्यादा है। और सबसे लम्बा पुल धर्मपुर में जिसकी लम्बाई लगभग 225 फ़ीट है।  



1. कालका-शिमला पैसेंजर 


कालका-शिमला पैसेंजर, इस रूट पर चलने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन है। इस ट्रेन का न. 52457 है और यह रात 03:30 बजे कालका से शिमला को रवाना होती है। कालका से शिमला के बीच तक़रीबन 18 स्टेशन है। यह सभी स्टेशन पर रूकती है। सुबह 08:55 पर यह शिमला स्टेशन पहुंचती है। यहाँ के स्थानीय लोगो के लिए इस ट्रेन को चलाया जाता है। और यह पीछे से आयी किसी भी ट्रेन का इंतजार नहीं करती और अधिकतर अपने निर्धारित समय पर ही शिमला के लिए निकलती है। यही ट्रेन दोपहर 02:25 पर शिमला से कालका के लिए वापस आती है। जिसका गाड़ी न. बदलकर 52458 हो जाता है। इसका शिमला पहुंचने का समय रात 08:10 का है। 



2. शिवालिक डीलक्स एक्सेप्रेस  

शिवालिक डीलक्स एक्सेप्रेस को इस रूट पर चलने वाली सबसे शाही ट्रेन भी कह सकते है। इसका कालका स्टेशन से चलने का समय सुबह 05:20 का है। लेकिन इसको पीछे से कालका पहुंचने वाली कालका-हावड़ा एक्सप्रेस का इंतज़ार करना होता है। यदि यह 5 घंटे भी देरी से कालका पहुँचती है तो आगे जाने वाली शिवालिक ट्रेन को भी 5 घंटे ही इंतज़ार करना होता है। और कालका-हावड़ा एक्सप्रेस को कालका स्टेशन पर आने के बाद ही शिवालिक एक्सप्रेस को शिमला के लिए रवाना किया जाता है। इसका वैसे तो शिमला पहुंचने का समय 10:00 बजे का है। इस ट्रेन की खासियत यह है कि यह इस कालका से चलकर सीधा शिमला रूकती है। बीच के किसी भी स्टेशन पर यह नहीं रूकती सिवाए बड़ोग स्टेशन के। 
कालका से चलते समय इस ट्रेन का न. 52451 है वही शिमला से वापस कालका आते समय इसका न. 52452 हो जाता है। शिमला से इसका चलने का समय शाम 05:50 का है। जो कालका रात 10:35 पर पहुँचती है। इस ट्रेन की सभी सीटें एकल यानी कार चेयर होती है। नाश्ता और खाना इसी में दिया जाता है। जो पहले से ही इसके टिकट में शामिल होता है। इस ट्रेन का शिमला को जाते समय टिकट 425/- रुपए का है और शिमला से कालका आते समय 515/- का है। 

शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस 

3. हिमालयन क्वीन 

इस रूट पर चलने वाली टॉय ट्रेन हिमालयन क्वीन है। यह ट्रेन न. 52455, दोपहर 12:10 बजे कालका से शिमला को निकलती है। इस रूट पर मौजूद 18 स्टेशनों में से यह कालका और शिमला स्टेशन को मिलकर कुल 11 स्टेशनों पर रूकती है। इसमें भी सीटें एकल यानी कार चेयर होती है। कालका से शिमला तक का टिकट 260/- रुपए का है। इसमें किसी भी तरह का नाश्ता, खाना शामिल नहीं है। 

शिमला से कालका जाने वक़्त इस ट्रेन का न. 52456 होता है। और इसका वहां से चलने का समय सुबह 10:25 का जो कालका शाम 04:10 पर पहुँचती है। शिमला से कालका आने वाली इस ट्रेन का किराया भी 260/- का ही है। 

4.  कालका-शिमला एक्सप्रेस 

कालका-शिमला एक्सप्रेस ट्रेन न. 52453 का कालका से चलने का समय शाम 06:00 बजे का है। और शिमला पहुंचने का समय सुबह 11:05 का है। कालका, शिमला स्टेशनों को मिलाकर ये कुल 12 स्टेशनों पर रूकती है। इसमें दो तरह की बोगी होती है। पहली फर्स्ट क्लास, जिसका शिमला तक का किराया 295/- रुपए है और दूसरा सेकण्ड स्लिपर जिसका किराया 65/- रुपए है। इसमें दोनों तरफ से आने जाने का एक सामान किराया लगता है।

शिमला से वापस चलने का समय शाम 06:30 का है जो कालका रात 11:30 बजे पहुँचती है। शिमला से कालका जाते समय ये कुल 14 स्टेशनों पर रूकती है। 

5. शिवालिक स्पेशल

कालका से शिमला जाते समय इस ट्रेन का न. 52445 होता है। सुबह 07:00 बजे निकलकर दोपहर के 12:15 पर शिमला पहुँचती है। इसका एक तरफ का टिकट भी शिवालिक डीलक्स ट्रेन की जितना (425/- रुपए ) है। और यह भी कालका से चलकर सीधा शिमला रूकती है। 
(यह केवल सीज़न के दौरान ही अलग से चलाई जाती है। ये शिमला से वापस कालका को नहीं आती।)

6. रेल मोटर

रेल मोटर न. 72451 सुबह 5 बजे कालका से चलती है और 09:40 इसका शिमला पहुँचने का समय होता है। वही शिमला से वापस चलने वाली ट्रेन न. 72452 हो जाता है। और इसका शिमला से चलने का समय शाम 04:25 का है जो कालका रात 10:35 पहुँच जाती है। इसका किराया एक तरफ का तक़रीबन 320/- रुपए होता है।

सन 2008 में कालका-शिमला रेलवे को यूनिस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया था। यूनिस्को का मतलब संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनाइटेड नेशन्स एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गेनाइजेशन) है। यह किसी भी देश की ऐतिहासिक इमारत, पार्क आदि का संरक्षण में सहायता करता है। लगभग 200 देश इस संगठन से सीधे जुड़े हुए है। इसका मुख्यालय फ्रांस में है। यूनिस्को विश्व विरासत स्थल के अंतगर्त वो जगह आती है जिन्हे समिति द्वारा चुना जाता है। वो स्थल पहाड़, पेड़-पौधे, नदी, शहर, ऐतिहासिक इमारत, पार्क, झील आदि जैसे कुछ भी हो सकते है। अब तक ऐसे स्थलों की संख्या 1000 का आंकड़ा पार कर गयी जो विश्व विरासत स्थलों की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुकी है। यह संख्या अलग-अलग देशों की अलग-अलग स्थलों की है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इन स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए यह सहायता प्रदान करता है। इस सूची में भारत के तक़रीबन 36 स्थल शामिल है, जो विश्व धरोहर है। इसमें ताज महल, आगरा का किला, हिमायूं का मकबरा-दिल्ली, कोणार्क का सूर्य मंदिर, फतेहपुर सिकरी, लाल किला, कुतुबमीनार, पर्वतीय ट्रेन दार्जिलिंग और कालका शिमला रेल आदि सम्मिलित है। 

जहाँ इसमें भारत के 36 स्थल शामिल है। वही हमारे पड़ोसी देश नेपाल के 4 स्थल, पाकिस्तान के 6 स्थल और चीन के लगभग 52 स्थल शामिल है। इसके अलावा कुछ और देश जिनके स्थलों की संख्या कुछ ये है - इटली- 53 (सबसे ज्यादा), स्पेन- 46, जर्मनी- 43, फ्रांस- 42, रूस- 28, यू.एस.ए -23, जापान-21, ब्राज़ील-21, ऑस्ट्रेलिया-19, कनाडा-18, बेल्जियम- 13, श्रीलंका-8,  बांग्लादेश- 3, अफगानिस्तान-2 आदि है। 

इतना सब होने के बाद भी वर्तमान में यहाँ कुछ बदलाव और निर्माण की बहुत जरुरत है। कुछ पुल की उम्र तो कब की पूरी हो चुकी। अब तो ये अपने बुढ़ापे को छड़ी द्वारा संभाले हुए है। यूं तो इनकी खबर रेलवे को है पर वो भी तमाशबीन बनकर किसी बड़ी दुर्घटना का जैसे मानो इंतज़ार कर रहे है। हालांकि एक दुर्घटना 12 मई 2015 को इस रूट पर हो चुकी है जिसमे 2 लोगों की मौत हो गयी थी और 13 लोग घायल हुए थे। पर इसकी वजह तय गति सीमा से तेज होना बताया गया था।  अब हालात यह है कि इन जंजर पुलों पर से ट्रेन अपनी तय गति से ना चलकर, धीमी गति से इन पर से होकर गुजर रही है। 100 साल से भी पुरानी और विश्व धरोहर में अपनी जगह बनाने वाली इस रेलवे लाइन का ना जाने कब और कैसे हालातों में उद्धार होगा। 


कुछ जगहों की दूरियां, शिमला रेलवे स्टेशन से 




16 comments:

  1. बहुत बढ़िया जानकारी इकट्ठा किये हो गौरव । सभी शिमला का वर्णन करते है कोई भी ट्रेन का वर्णन नही करता जबकि ये एक रोमांचक यात्रा है जिसे 6:बजे वाली ट्रेन से मैंने भी आनन्द लिया था ,अब फिर से एक बार जाने का इरादा है।

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    1. धन्यवाद बुआ जी। जी बिलकुल यह सफर है ही इतना खूबसूरत कि यहाँ बार-बार जाने को जी करता है।

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  2. बहुत ही सूचनाप्रद जानकारी दी है आपने इस पोस्ट में !! एकदम बढ़िया, धन्यवाद मित्रवर

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    1. शुक्रिया योगी जी ..

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    1. धन्यवाद आपका अनिल जी ...

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    1. माफी चाहता हूँ मुकेश जी। गलती से मुझसे आपके द्वारा किया गया कमेंट मिट गया। अत: आपके कमेंट "जानकारी से ओत प्रोत पोस्ट !" के लिए दिल से धन्यवाद आपका।

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  5. गौरव जी आपकी इस पोस्ट से बहुत जानकारी मिलेगी हर पाठक को शिमला की ट्रेन के बारे में।

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    1. अब लगता है मेरा यह लेख लिखना सफल रहा। बहुत बहुत धन्यवाद सचिन जी

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    1. आभार प्रतीक जी..

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    1. आपको यह लेख पसंद आया यह जान अच्छा लगा। शुक्रिया बीनू भाई

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  8. शिमला कालका रुट की सभी ट्रैन की जानकारी एक साथ, विवरण के साथ।

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    1. जी संदीप भाई कोशिश तो यही की है अपने इस लेख में कि टॉय ट्रेन के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे सकू। और आप यहाँ तक आये और समय देकर मेरे इस लेख को पढ़ा और अपनी प्रतिकिया दर्ज की उसके लिए दिल से धन्यवाद।

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